ब्रह्माण्ड, रचयिता और जीवन के विषय में ऐसा बहुत कुछ है, जो अभी तक स्पष्ट नहीं है।
समझदार वे हैं, जो स्पष्ट हो चुका है, उसे समझ कर अपना आगे का मार्ग चुनते हैं।
Total Truth स्थायी खुशी का पता और तरीका दोनों बताता है।
सुखस्य मूलं धर्मः। धर्मस्य मूलं अर्थः। अर्थस्य मूलं राज्यं। राज्यस्य मूलं विज्ञान। विज्ञानस्य मूलं इन्द्रिय जयः। इन्द्रियाजयस्य मूलं विनयः। विनयस्य मूलं पूर्ण।
परिणाम में सदैव सबको सुख (आनन्द) स्थायी खुशी ही चाहिए।
नोट :- बिना प्रक्रिया से प्रसार हुए, पूर्णता और परिणाम सम्भव नहीं है।
बनने के लिए पुर्ण, कर तू सब जतन।
सृष्टिकर्ता चाहता है कि ज़िन्दगी एक उत्सव बनें और उसमें उसकी सृष्टि हरपल आनन्द करें।
कारण कि सृष्टि का सृजन ही आनन्द के संवर्धन के लिए हुआ है।
हम सब, पृथ्वी पर पूर्णता की प्रक्रिया से प्रसार हो रहे हैं। पूर्णता का यहां यह अर्थ है कि हम नर से नारायण की ओर, उत्तम से सर्वोत्तम की ओर अग्रसर हैं।
प्रक्रिया के बिना पूर्णता नहीं !
पूर्णता के बिना परिणाम नहीं !
हां ! आप ब्रह्मा हैं और पूर्णता के पश्चात, आप एक सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के स्वामी होंगे।
"One Person Own Planet"
पूर्णता के पश्चात आपको एक दिव्य शरीर और स्वयं का एक ग्रह (ब्रह्माण्ड) दिया जाएगा। जिसमें आप संकल्प से सृजन का कार्य करेंगे।
क्योंकि आनन्द का उत्सर्जन सृजन में निहित है।
यह शरीर तो पृथ्वी पर केवल सृजन में पूर्णता प्राप्त करने तक ही है।
पंचमहाभूत का यह शरीर न तो अधिक खुशी सहन कर सकता है और न ही अधिक श्रम कर सकता है।
संसार में बुद्धिमान लोग अपने सारे प्रयास उद्देश्य की पूर्ति के लिए ही करते हैं।
हमारी अंतरात्मा की चाहत आनन्द है। अर्थात हमारे जीवन का वास्तविक उद्देश्य निरन्तर का आनन्द प्राप्त करना है।
स्थायी (खुशी) आनन्द के लिए बस तीन कदम।
सम्पूर्ण सत्य को जानें । भले काम करें । प्रभु को निरन्तर स्मरण रखें ।
पृथ्वी पर सुखी जीवन ज़ीने के लिए तीन सूत्र ।
आजीविका अपनी प्रतिभा से कमाएं।
अवस्था उचित व्यवस्था से लाएं।
भविष्य सच्चे दर्शन से बनाएं।
सबके कल्याण के लिए।
ज्ञान = धर्म + विज्ञान + राज में समन्वय सामंजस्य बैठाएं।
मूर्खता कर कर के मत मर।
सच जान और जी, जीभर।।
आप स्वयं इसी शरीर में 20, 30, 40, 50, 60, 70, व 80 वर्ष से और हां इस संसार में भी आप उतने ही समय से हैं।
सच बताना कि आप अपने आपको जानते हैं कि नहीं,आप कौन हैं और यहां क्यों हैं ?
यदि नहीं तो सबसे बड़ी गलती आप से हो रही है ?
अगर यह सत्य अब तक आप नहीं जान पाए हैं तो Total Truth इसका सही, सरल, स्पष्ट और सटीक उत्तर देता है।
Enter a realm of spiritual awakening with us!
सब स्वस्थ रहें। सब शिक्षित हो। आवश्यक साधन - संसाधन सबके पास हो। सबका मान - सम्मान होना चाहिए।